Category Politics

किसानों के लिए वरदान: किसान फसल कर्ज माफ़ी योजना मध्य प्रदेश

  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ जी ने शपथ लेने के 2 घंटों के भीतर ही किसान कर्जमाफी की घोषणा कर देश भर में सुर्खियाँ फैला दी. विपक्ष के लोगों ने जहाँ इस कर्जमाफी को छलावा बता दिया वहीँ सत्तापक्ष ने इसे सरकार की वचनबद्धता बताया. जब इस योजना का विस्तृत आदेश आया तब भी […]

बलात्कार की जिम्मेदारी शिवराज सरकार पर

  मध्य प्रदेश में मंदसौर में एक नाबालिक बालिका के साथ बलात्कार पर पूरा देश रोया, पूरा देश आक्रोश में आ गया, जगह जगह प्रदर्शन हुए, कैंडल मार्च निकाले गए, मुख्यमंत्री ने आरोपियों को फांसी का भी वादा कर दिया. मगर क्या ये पहली घटना है? और क्या इस घटना से किसी ने फायदा उठाने […]

महात्मा गाँधी को किसने मारा?

मोहनदास करमचंद गाँधी मात्र के नाम नहीं बल्कि एकता, अहिंसा एवं स्वाभिमान की विचारधारा का प्रतिक है, इसीलिए इन्हें गुरुदेव रविन्द्रनाथ टैगोर ने महात्मा एवं सुभाषचन्द्र बोस ने राष्ट्रपिता की उपाधि से सम्मानित किया. ये एक विडंबना ही है की अहिंसा के पुजारी एवं प्रचारक महात्मा गाँधी की नृशंस हत्या गाँधी-बुद्ध के देश में भारत […]

कुख्यात नाज़ी नस्लवादी चार्ल्स मैनसन की राह पर भाजपा?

सबसे पहले, कौन था ये चार्ल्स मैनसन? तस्वीर से ही स्पष्ट है, चार्ल्स मैनसन एक निओ-नाज़ी था… कुछ दिन पूर्व इसकी कैलिफ़ोर्निया की एक जेल में ८३ वर्ष की उम्र में मौत हुई. नस्लवादी मैनसन ने के दशक में भय और असुरक्षा की कहानियां सुना कर मैनसन फॅमिली की स्थापना की, इसने एक विचारधारा को […]

अलविदा संता-बंता, आप याद आओगे

दशकों से संता-बंता के चुटकुले पढ़ सुन पर बड़े होने के बाद, जब संता-बंता के चुटकुले गायब होते और नए किरदारों को जगह लेते देख मिश्रित प्रतिक्रिया होती है, जहाँ एक नयी ताजगी का एहसास होता है वहीँ बचपन के साथी के बिछड़ने का दुःख. बाल नरेंद्र ने संता-बंता की जगह बहुत ही अल्प समय […]

गुरमीत राम रहीम पर फैसला: आतंकियों का तांडव और नपुंसक सरकार

कथित बाबा गुरमीत राम रहीम सिंह को शुक्रवार अगस्त 25 2017 को दोपहर 3 बजे विशेष सीबीआई अदालत द्वारा बलात्कार का अपराधी घोषित कर जेल भेज दिया गया और उसके बाद उसके हजारों समर्थक जिन्हें हरियाणा के पंचकुला में इकट्ठा होने की इजाजत मिली थी, उत्पात और हिंसा पर उतर आये। 8 बजे तक मरने […]

मरते किसान, जलता हिन्दुस्तान

जय जवान जय किसान यही नारा दिया था स्व. लालबहादुर शास्त्री ने. और यही भारत जैसे कृषि प्रधान देशकी उन्नति का मंत्र है. पर वर्तमान में लगातार घट रही घटनाओं ने देश के मूलभूत ढांचे को ही तोड़ मरोड़ दिया है. हर गाँव से किसानों की आत्महत्या की खबरें आ रही है. अब किसानों ने […]